तकिया। ‘Pillow’

तकिया तू कितनी प्यारी है ।रिश्ते में सबसे न्यारी है।

तेरे बिन बिस्तर है सूना।
तू जो मिले आनंद है दूना।
शोभा तेरी कितनी न्यारी ।
सच तुझ पर दिलवारी है ।

तकिया तू कितनी प्यारी है …
तकिया तू कितनी प्यारी है।

ज्यूँ ही बिस्तर मैं जाता हूँ,
मुझको गले लगा कर रखती।
आंखें बंद करूँ जैसे ही,
स्वप्न दिखाती कभी ना थकती।
दुनिया तुझपर वारी है।
तकिया तू कितनी प्यारी है..
तकिया तू कितनी प्यारी है।

दुख में सुमिरन सब करते हैं।
मैंने सुख में याद किया है।
पेट भरा था जब भी मेरा,
दौड़ा तेरे पास मैं आया।
दुनिया से मुँह मोड़ के आया।
सारे नाते तोड़ के आया।
सच तुझ पर दिल वारी है।

तकिया तू कितनी प्यारी है…
तकिया तू कितनी प्यारी है।

थक कर जब भी चूर हुआ मैं,
याद तेरी ही आई है ।
तब और ना कोई भाया मुझको बस तू ही तो भाई है ।
तुझ पर जाँ बलिहारी है।

तकिया तू कितनी प्यारी है…
तकिया तू कितनी प्यारी है।

तुझ संग प्यारी नींद जो आई,
पहुंच गया मैं मुम्बई , पूना।
जब चाही थी साईकल मैंने,
तूने दिलवाई थी लूना।
तुझ पर दिल बलिहारी है ।

तकिया तू कितनी प्यारी है…
तकिया तू कितनी प्यारी है ।

माँ की लोरी सी तू बन कर,
सर गोदी में रख लेती है ।
स्वप्न लोक में ले जाकर के ,
चिंताएं सब हर लेती है ।
तेरी दुनिया तो न्यारी है।

तकिया तू कितनी प्यारी है ।
तकिया तू कितनी प्यारी है।✍️

Theme of poem ‘Pillow’
How sweet are you the Pillow. You are the best in my relationship .Without you the bed is incomplete.. You gives the double pleasure.The people use to remember the Power when they are sad but l came to you apart all relations, whenever
my stomach was full. You carried me in the world of dreams and gave me more then my desire.You dear pillow is like a sweet song of my mother taking my head on your lap you removes all my worries.
You are my sweet and lovely Pillow.

Published by (Mrs.)Tara Pant

बहुत भाग्यशाली थी जिस स्नेहिल परिवार में मेरा जन्म हुआ। education _B.Sc. M.A.M.ed.

41 thoughts on “तकिया। ‘Pillow’

  1. bahut sunder… pr pet bhar kha k tahla kijiye, takiya mt pkd lijiye, तबियत बिगड़ जाएगी….. or ye bahut achha h रो धो के लुना ले लिया आपने… सही है।। 👌👌

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    1. लॉक डाउन में तकिया का जो सहारा मिला उसे कैसे भुलाया जा सकता है ।असली साथी तो यही रही ।’तकिया मेरी सखिया ‘ अति सुन्दर रचना है ।

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      1. पर ये ग़लत कहा आपने, “माँ” जैसा कोई नहीं हो सकता । और दूसरी बात ये कि मेरे जैसे भी बहुत से लोग हैं जिन्हें तकिया लगाना पसंद नहीं और ऐसे भी हैं जिनको तकिया लगाने से सिर दर्द होने लगता है तो, उनका क्या फ़िर? परंतु “माँ” की गोद किसे पसंद नहीं और किसका सिर दर्द होता है भला मां की गोद में ?

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      2. नितेश लगता है तकिया और spondylitis बेल्ट की आपस में पटती नहीं ये cervical belt सासू है तकिया की।😀🌷

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  2. Lovely relaxing takia (pillow) ….The concept is beautifully explained to forget all your tensions when you see your pillow….Life is short….So enjoy the takia……

    👍👏

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  3. रोज रात कभी सिराने,
    और कभी सीने से लगकर
    धड़कन भी मेरी पहचानता है
    ये मेरा तकिया मेरे मन के
    सभी राज़ जनता है…..

    लाज़वाब कविता मेम 👌👌😊🌻🎆🌷

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  4. इनको अपनी तकिया से बहुत प्यार हैऔर मैं बात करने लगी इनकी तकिया से।😄💕 अनुराग लेखन में आपकी सराहना प्रेरणा देती है।आभार।🌷

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