Word Press💖 वर्ल्ड प्रेस💖

कितना प्यारा ‘वर्ड प्रेस’ ये
दिल को ‘हाइक’ ले चलता है।
इस एकाकी पन में हमसे

लाइक-लाइक कहता है।
कितना सूदिंग वर्ड है लाइक

डिसलाइक से तीन है कम।
तीन की संख्या कम हो चाहे,
कितना होता इसमें दम।
लॉक्ड डाउन में इसने अपना

कितना साथ निभाया है।

अनजानों को साथ में लाकर

मानव- प्रेम पढ़ाया है।

दुनिया का ईश्वर एक ही,
एक ही अपना रचनाकार।
लोगों ने चाहे मनचाहे,
अपने दिए हैं इसे आकार।

एक सी भाषा हँसने की है,
एक ही भाषा रोने की
एक ही चेहरा मुस्कानों का,
एक सा ही तो गाने का।
शब्द भले हों अलग अलग
पर बातें कितनी अपनी सी ।

भक्ति करी गर मन्दिर में तो
इसने मस्ज़िद भी पहुंचाया ।
दर्द बड़ा था जब भी अपना
चर्च ने भी आ सहलाया ।

ईश्वर ने कर प्यार हमें
कितने उपहार हैं दे डाले।
देखो वर्ड प्रेस में आकर
‘एकाकार-प्रेम’ को कैसे
रखा इसने है पाले। ✍️

Published by (Mrs.)Tara Pant

बहुत भाग्यशाली थी जिस स्नेहिल परिवार में मेरा जन्म हुआ। education _B.Sc. M.A.M.ed.

23 thoughts on “Word Press💖 वर्ल्ड प्रेस💖

  1. नही दिखते चहरे, ना ही जान पहचान कोई,
    फिर भी वर्डप्रेस पर कहाँ है अनजान कोई।
    बहुत खूब। खूबसूरत अभिव्यक्ति।👌👌

    Liked by 3 people

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