माँ का श्राद्ध दिवस 🙏

ना जाने कुछ,
“शब्द बंधे से” ।
माँ की याद
दिलाते हैं ।
“हरि ओम तत्सत”
“हरि ओम तत्सत”,
भजन जब भी हम,
दोहराते हैं।
कथा सत्यनारायण की
जब भी पढ़ी है।
लगा संग हमारे माँ ,
आ के खड़ी है।
सिर में रखे वो पल्लू ,
प्रश्न पूछती माँ ,
बता तू कलावती
रात भर रही कहां ?
माँ आंखों से खींचे थी,
लक्ष्मण सी रेखा ।
जिसे हमने डर से
हमेशा था देखा ।
वो कम बोलती थी,
वो हंसती भी कम थी ।
मगर सारी दौलत
माँ की हस्ती से
कम थी। 🎉🎉🙏 ✍

Published by (Mrs.)Tara Pant

बहुत भाग्यशाली थी जिस स्नेहिल परिवार में मेरा जन्म हुआ। education _B.Sc. M.A.M.ed.

25 thoughts on “माँ का श्राद्ध दिवस 🙏

  1. अति सुन्दर वर्णन किया है । माँ सामने खड़ी है दिन प्रतिदिन के क्रिया कलाप याद आने लगे । खिडक़ी पर बैठ कर इन्तजार करना कभी भूला नही जा सकता है ।उनके त्याग को याद करना ही एक श्रधान्जली है ।🤗

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  2. अति सुन्दर वर्णन किया है । माँ सामने खड़ी है दिन प्रतिदिन के क्रिया कलाप याद आने लगे । खिडक़ी पर बैठ कर इन्तजार करना कभी भूला नही जा सकता है ।उनके त्याग को याद करना ही एक श्रधान्जली है ।🤗

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      1. Thankyou so much it’s an honour n I really appreciate that you thought of me,it’s really motivating .But I am not in to writing award posts ,as somehow not able to connect to it.but nomination from you is what I really appreciate…thankyou so much.💕🙂

        Liked by 2 people

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