बंगला नंबर 10

22 quarters की उस छोटी सी कॉलोनी में कुछ दिनों पूर्व ही बंगला नंबर 10 मिसेस कुशवाह को अलॉट हुआ था। दो बेटियां और एक बेटे की माँ थीं वो ।अक्सर अपनी बड़ी बेटी को organic chemistry पढ़ाया करती थीं। कुछ इस तरह से कि उनकी आवाज से मुझे भी Organic compounds acids अल्कोहल केContinue reading “बंगला नंबर 10”

कुछ रिश्ते 💖

रिश्ते जो मन से होते हैं, तन से उनका क्या लेना।मन ही मन में पलते हैं वो,चलता है लेना देना।प्रभु को किसने कब देखा है ,पर दर्शन हो जाते हैं।मन मंदिर में जब वो आते,नयन स्वयं झुक जाते हैं।कुछ रिश्ते माँ की छाया से, उम्र का उनसे क्या लेना।प्यार से जब बातें हों उनसे, लगताContinue reading “कुछ रिश्ते 💖”

“आशिफ़ा”

आ बेटी आशिफ़ा आ …गोदी में मेरी तू आ …आँसू से नहलाऊंगी…तुझको मैं सहलाऊंगी।थोड़ा सा ले पानी पी…थोड़ा सा ले खाना खा।आ बेटी आशिफ़ा आ।गोदी में मेरी आजा….धर्म से फिर विश्वास उठा है….बस दर्द तेरा अहसास हुआ है…आ थोड़ा सा पानी पी….संग में मेरे खाना खा।आ बेटी आशिफ़ा आ।आज निर्भया दिवस मनाया…उसकी माँ संग जश्नContinue reading ““आशिफ़ा””

उस दिन

कुछ की आंखें थी नम होकर,कुछ मुस्काए थे यह सुन कर।कुछ थे नाम राम का लेते,कुछ अल्लाह अकबर थे कहते।कुछ ने हाथ लिए थे पत्थर, कुछ निकले थे खंज़र लेकर।इक दूजे को मरते देखा ।खून एक सा बहते देखा ।चीखें भी कितनी मिलती थीं ।दर्द में ये दिल्ली घुलती थी।नेता देश से बड़ा हुआ थाContinue reading “उस दिन”

उसका रिस्पॉन्स

आज Women’s Day है । सिंगापुर से तनुजा का एक message आया है। तनुजा मेरे भैया की wife है । Dr. तनुजा । बार बार पढ़ रही हूँ । अच्छा लगा ऐसा लगा जैसे एक ऐसी सड़क है औरत जिसको वो अपने बच्चे के लिए बिल्कुल smooth रखना चाहती है।अपनी इस सड़क में परिवार केContinue reading “उसका रिस्पॉन्स”

शर्माजी

रोज की ही तरह उस दिन भी घर आते ही कार से उतर कर गेट खोल ही रही थी कि शर्माजी पास आने लगे ।सड़क के दूसरी ओर उनका मकान था। किसी से बातें करते कभी दिखाई नही दिए थे वो । पास की पड़ोसी ने एक बार उनका परिचय ये कह कर दिया थाContinue reading “शर्माजी”

संवेदना

आज अपने ही शहर में मारकाट से आत्मा दुखी हुई। कितनों के हाथ पैर काट दिए गए ।बसी बसाई गृहस्थी कुछ ही क्षणों में आग लगा कर उजाड़ दी गई । कुछ खुश थे कुछ दुखी। उनकी खुशी और दुख बिल्कुल एक समान थे ।इस समानता के भाव में धर्म दूर दूर तक नही दिखा।Continue reading “संवेदना”

वो इंटरव्यू

वो 2004 का वर्ष था। मुझे विद्यालय की दूसरी विंग join करना थी । स्थानांतरण हुआ था । वर्तमान प्रधानाध्यापिका के रूम में बहुत भीड़ थी ।मैं बाहर लगी कुर्सियों मैं बैठी इंतज़ार करने लगी थी। याद आने लगा था । 20 वर्ष पूर्व इसी विंग में इसी corridoor में घंटो बैठी मैं interview केContinue reading “वो इंटरव्यू”

स्वप्न

जिंदगी में किसी की भी नही हकदारी है…. फिर भी है एहसास…. जिंदगी में मेरे जो अपने हैं … उनकी भी तो जिम्मेवारी है । जिंदगी गर क्षण भर का सपना है, तो तकिया और चादर तो बनानी होगी …. एक सपने के लिए नींद भी तो अच्छी आनी होगी ।✍️