कुछ कुछ समझ न पाई।🤔🤗

इक बच्चे ने आकरमुझको बातें हैं समझाईं।मासूम है जीवन अपनामगन रहो मेरे भाई। कुछ तो समझ गई मैं पर,कुछ कुछ समझ ना पाई। एक तरुण ने आकरमुझको बातें हैं समझाईं।जितनी कर सकते हो मेहनतकर लो मेरे भाई।जीवन तो है इक जुगाड़,तुम जोड़ लो जितना भाई। कुछ तो समझ गई मैं पर,कुछ कुछ समझ ना पाई।Continue reading “कुछ कुछ समझ न पाई।🤔🤗”

सिंघु बॉर्डर।🎉🇮🇳🙏🌱🌾⛏️🚜

मन हुआ नमनउस राह में जाकर,जहां बैठा था किसान,जमीं लुटने से घबराकर।अपने भारत के दर्शन,हो जाते यहां पर आकर।जैसे ईश्वर के दर्शन,हो जाते मन्दिर जाकर ।खुदा स्वयं मस्ज़िद से आए।हर वाणी में गुरुद्वारा।कितनी ताकत से बैठा है,मेरा देश ये प्यारा।कुछ उद्घघोष यहां से आते,थे नारा एक लगाते।जय जवान औरजय किसान सुन,नेता थे डर जाते।हर नेताContinue reading “सिंघु बॉर्डर।🎉🇮🇳🙏🌱🌾⛏️🚜”

अंतिम साँसे।😴

देखो दुनिया से जा रहा है वो।खाली खाली साआया था ।खाली खाली ही जा रहा है वो।जिन साँसों ने साथ दियाउन्हें ही छोड़े जा रहा है वो।सांसे जो गिनती की शर्तों मेंसाथ देने आईं थीं,उनकी ही विदाई कियेजा रहा है वो…ओह… ✍️

प्रेम भाव ।💕🔔

भाव तुम्हारे पाकर पहुंचीइस दुनिया के पार।जहां तुम्हारी गरिमा थीऔर आनंद था अपार।ये छोटे छोटे से सुख,सच में क्या कर जातेदुनिया के सारे दुख मानोछू मंतर ही जाते ।इन भावों में सच मानो तुमईश्वर का सुख पाती हूँ।मन्दिर के घण्टों की गूंज में,नतमस्तक हो जाती हूँ।✍️

आज रजाईं है मुस्काई।☺️

आज रजाईं है मुस्काई।बहुत दिनो से बंद बॉक्स में,मैं थी और मेरी तन्हाई ।रेशमी कम्बल सबको भाए,वो ही पहले बाहर आए ।एक अकेली सिमटी सी मैं,बॉक्स में ले मन को मुरझाए । चर्चा हुई थी कल इस घर में,कैसे ठंड में भीगा वो भाई।झुग्गी में रहता जो बोला,सुन सभी का मन था डोला।मुझे बॉक्स सेContinue reading “आज रजाईं है मुस्काई।☺️”

आंदोलन।⛏️🚜

○न जाने कुछ वर्षों से है, कौन सा ग्रह यह आया ।हिन्दू मुस्लिम करके उसने,जनता को भरमाया।कुछ अपनी ही कंपनियों का, पड़ा है उस पर साया।देश को ना बिकने दूंगा,था नारा एक लगाता ,पर एक एक करके था ,सब कुछ बिकता जाता।अबकी बार गले की फाँसबन गए अन्न दाता ।⛏️जिनको अब तो ना उगलाऔर नाContinue reading “आंदोलन।⛏️🚜”

वो क्यों हारी । 😢

जो बेटी घर की चहल-पहल ।थी कोमल जैसे एक कमल। निर्मल मन घर से जो निकल, थी रही टहल ।छलके वो नयन, पल पल छल छल ।गरल भरा वह कोलाहल ।किसने जीवन में दिया दखल ?वह दुर्बल मन हो गई विह्वल ।जैसे ‘बूंद गिरे धरती के पटल’ । मरने के बाद वो क्यों मारी ?बिनContinue reading “वो क्यों हारी । 😢”

आज बहुत रोया ये थैला।

आज बहुत रोया यह थैला ।लटके लटके हो गया मैला ।कबसे कार में नहीं हूँ बैठाजबसे बॉस तुम्हारा ऐंठा।ले जाते थे मुझे बाज़ार।भरते मुझमें चीज हज़ार।कभी न मैंने ना ना कीसारी ताकत से भर लीं।सोचा पहला भोग तुम्हारामुझको ही मिल जाता था।पल भर की बस इसी ख़ुशी मेंकितना मैं खिल जाता था।सोचो कितने महिनों से,छुपाContinue reading “आज बहुत रोया ये थैला।”