एक विचार। A Thought🤔🌷

अपराध के बाद उस व्यक्ति में भय की भावना उत्पन्न होना, ईश्वर द्वारा दिया गया सबसे बड़ा दंड है।✍️ After committing a crime,the feeling of fear in that person, is the punishment given by the God.

तकिया। ‘Pillow’

तकिया तू कितनी प्यारी है ।रिश्ते में सबसे न्यारी है। तेरे बिन बिस्तर है सूना।तू जो मिले आनंद है दूना।शोभा तेरी कितनी न्यारी ।सच तुझ पर दिलवारी है । तकिया तू कितनी प्यारी है …तकिया तू कितनी प्यारी है। ज्यूँ ही बिस्तर मैं जाता हूँ,मुझको गले लगा कर रखती।आंखें बंद करूँ जैसे ही,स्वप्न दिखाती कभीContinue reading “तकिया। ‘Pillow’”

रंगशाला “Theater”.

कभी सफल हुए कभीअसफल थे।कभी असफल होकरसफल रहे। कुछ याद रहे कुछ भूल गए।जो याद रहे वो पास रहे।भूले थे जिन्हें भूले न गए।वो दूर भी रह कर पास रहे। कभी सफल हुए कभीअसफल थे ….. कुछ अहम रहा कुछ वहम रहा।कुछ सत्य रहा कुछ भरम रहा ।जो सत्य लगा भरमाया रहा।जो भरमाया वो सत्यContinue reading “रंगशाला “Theater”.”

सावन का झूला।☘️

वो सावन का झूलाबहुत याद आया।वो सावन का झूलाबहुत याद आया।वो माली का घर थाथा बच्चों का मेला।उन बच्चों का आपस मेंनंबर झमेला।अब मेंरी अब तेरीबारी जो आई।ऊंची से ऊंची थीं ,पेंगे बड़ाईं।वो मेहंदी वाले हाथों सेझूले की पकड़ें ।वो पायल वाले पैरोंमें नई नई चप्पलें।वो लड़कों का झूले मेंसर्कस दिखाना ।और लड़कियों का‘ओए-ओए’ चिल्लाना।येContinue reading “सावन का झूला।☘️”

कोरोना।

दोनो एक ही नाम राशि के,कुम्भकरण और कोरोना।वो तो छै महीने सोता था,तुम क्यों जागी कोरोना।U तहस नहस करने आई हो,प्रह्लाद की बुआ बन।हम भी मगन हुए हैं देखोशॉल बनाकर लेंगे दम। सेनिटाईज़र शुरु हो गयावैक्सीन भी बन जाएगा।सब्र कर रहे थोड़ा सा हमतुम्हें जलाएंगे मिल हम।✍️ नोट: बच्चों की कविता।😄

खिचड़ी। “khichdi”

खिचड़ी मेरी ज़िंदगी,खिचड़ी मेरी जान।जीभ बिगड़ जाए आपकी,न खाना कुछ श्रीमान।न खाना कुछ श्रीमान,तुम खिचड़ी खाना सीखो।मेरे जैसा जीवनतुम अपनाना सीखो।चार कटोरे चावल हों तो,तुवर लेना एक ही मुट्ठी।दस मिनट में बन जाएगी,होगी बर्तन की भी छुट्टी।जो परोसे खिचड़ी उसकोसूत्रबतादो देकर प्यार। खिचड़ी के हैं चार यार,दही ,पापड़ , घी, अचार।स्वाद से फिर तुम खिचड़ीContinue reading “खिचड़ी। “khichdi””

भारत दर्शन।🇮🇳

मन के मंदिर में थोड़ा ठहर,मन के बाहर तो भव्य महल। मन- मंदिर में दीपक सा है तू ,भव्य महल में तो चहल पहल। हनुमान के सीने में , राम -सिया,फिर तू क्यों डोले पागल-पिया? थोड़ा तू ठहर जीवन की पहर ,सन्ध्या में बदलने वाली है। फिर राम अली दिखते संग संग,रमजान हो या ,दीपावलीContinue reading “भारत दर्शन।🇮🇳”

यादें (Memories.)

बहुत दिनों के बाद ये बेटी,संग मेरे आ बैठी ।सहलाया उसको फिर मैंने,और उसको बहलाया ।फिर बहुत दिनों के बाद ,ये बेटी संग मेरे आ लेटी।मैंने पूछा” कहाँ गई तू ?”बोली “क्या बतलाऊँ ।जैसे तू ढूँढे है मुझको ,मैं तेरा पता लगाऊं।”यह सुन कर बोली मैं उससे,“बेटी दुनिया एक पहेली ।पर जब भी मैं रहूँContinue reading “यादें (Memories.)”