लेखनी को पहली फटकार।😒

जब भावों के पुष्प लिए,मैं पहुँची उनके पास।छप जाएगी कविता मेरी,मन में थी यह आस।पर जिस कविता में लगसिर्फ मेरी अकलउनको लगी वो किसीकवि की नकल।हिंदी की थी वो एक ज्ञाताउन्हें भला था कब यह भाता।बोलीं, ये नकल वकल नहीं चलेगीविज्ञान की छात्रा भी क्या कवि बनेगी।✍️

भूमिपुत्र के अश्रु।🌾🌾🌾😪🌾🌾🙏

नेता कितना हठी हठी साहठ इसका कब जाएगा…इन सर्द ठण्डी सड़कों मेंक्या किसान मर जाएगा..है कितनी रातें ये सर्द ,जब बादल गरजा करते हैं।निष्ठुर पापी दुश्मन से वो ,जम के बरसा करते हैं।सड़कों पे देखो नदियां सी,कितनीं हैं बह जातीं।हाय लहर उन नदियों की,उसकी चादर तक आतीं ।तब नेता ब्लोअर मेंमदमस्त नींद सोता है।भक्तों काContinue reading “भूमिपुत्र के अश्रु।🌾🌾🌾😪🌾🌾🙏”

वो तीन घण्टे ।🙄☺️

वे तीन घण्टे पल की तरह छोटे थे। कितने बंधे बंधे से थे । हाथ की नोट books बाहर रख examination room में enter करना लगता सब कुछ भूल चले थे।Answer sheet मिलते ही Roll numberआदि लिखना। Question paper देखने से पहले मन ही मन ईश्वर का स्मरण करना।पेपर मिलते ही पूरे प्रश्न-पत्र को देखनाContinue reading “वो तीन घण्टे ।🙄☺️”

छूटी तब आशा ।😪

सेवा भाव संगकर्त्तव्य लिए,रहता संग भय भी,करता था, अतृप्तअब छोड़ चलाहो गया हूँ तृप्त।‘आशा’ की चिंतासेवा में,मैं मग्न रहाहोकर निर्विघ्न।आशा ही तोजीवन थी मेरापर आज मुझे तोजाना है।अब मृत्यु-शांतिसंगिनी है मेरीउसका भी साथनिभाना है। ✍️

कुछ कुछ समझ न पाई।🤔🤗

इक बच्चे ने आकरमुझको बातें हैं समझाईं।मासूम है जीवन अपनामगन रहो मेरे भाई। कुछ तो समझ गई मैं पर,कुछ कुछ समझ ना पाई। एक तरुण ने आकरमुझको बातें हैं समझाईं।जितनी कर सकते हो मेहनतकर लो मेरे भाई।जीवन तो है इक जुगाड़,तुम जोड़ लो जितना भाई। कुछ तो समझ गई मैं पर,कुछ कुछ समझ ना पाई।Continue reading “कुछ कुछ समझ न पाई।🤔🤗”

सिंघु बॉर्डर।🎉🇮🇳🙏🌱🌾⛏️🚜

मन हुआ नमनउस राह में जाकर,जहां बैठा था किसान,जमीं लुटने से घबराकर।अपने भारत के दर्शन,हो जाते यहां पर आकर।जैसे ईश्वर के दर्शन,हो जाते मन्दिर जाकर ।खुदा स्वयं मस्ज़िद से आए।हर वाणी में गुरुद्वारा।कितनी ताकत से बैठा है,मेरा देश ये प्यारा।कुछ उद्घघोष यहां से आते,थे नारा एक लगाते।जय जवान औरजय किसान सुन,नेता थे डर जाते।हर नेताContinue reading “सिंघु बॉर्डर।🎉🇮🇳🙏🌱🌾⛏️🚜”

अंतिम साँसे।😴

देखो दुनिया से जा रहा है वो।खाली खाली साआया था ।खाली खाली ही जा रहा है वो।जिन साँसों ने साथ दियाउन्हें ही छोड़े जा रहा है वो।सांसे जो गिनती की शर्तों मेंसाथ देने आईं थीं,उनकी ही विदाई कियेजा रहा है वो…ओह… ✍️

प्रेम भाव ।💕🔔

भाव तुम्हारे पाकर पहुंचीइस दुनिया के पार।जहां तुम्हारी गरिमा थीऔर आनंद था अपार।ये छोटे छोटे से सुख,सच में क्या कर जातेदुनिया के सारे दुख मानोछू मंतर ही जाते ।इन भावों में सच मानो तुमईश्वर का सुख पाती हूँ।मन्दिर के घण्टों की गूंज में,नतमस्तक हो जाती हूँ।✍️

आज रजाईं है मुस्काई।☺️

आज रजाईं है मुस्काई।बहुत दिनो से बंद बॉक्स में,मैं थी और मेरी तन्हाई ।रेशमी कम्बल सबको भाए,वो ही पहले बाहर आए ।एक अकेली सिमटी सी मैं,बॉक्स में ले मन को मुरझाए । चर्चा हुई थी कल इस घर में,कैसे ठंड में भीगा वो भाई।झुग्गी में रहता जो बोला,सुन सभी का मन था डोला।मुझे बॉक्स सेContinue reading “आज रजाईं है मुस्काई।☺️”