दादी का गीत ।🎼🎵🎶

मोबाइल चुपके चुराय गयो रे।मैया मेरो कंनहिया ।दिल में बस्ती बसाए गयो रे।मैया मेरो कंनहिया।झटपट मोरी दवाई निकारे ।डॉक्टर बनिके अखियन में डारे।ओ मैया,“चश्मा”! देखो. छिपाय गयो रे।मैया मेरो कंनहिया।दिल में बस्ती बसाए गयो रेमैंया मेरो कंनहिया ।पुलिस वालो बनिके ये आवै।दरोगा सा मोपे रौब दिखावे।ओ मैयाडंडा मोपै ही चलाय गयो रे ।मैया मेरो कन्हइया।दिलContinue reading “दादी का गीत ।🎼🎵🎶”

गुमशुदा सा दर्द । 😢

ये दर्द दूसरे का कहींखो सा गया है ।कोई भी उसे ढूंढता नहीं, वो गुम सा गया है।शहरों को तराशते हुए,धोखा मिला जिसे,वो राह में थका हुआ सा,कहीं सो सा गया है। ‘मजदूर’ नाम दिया जिसे,मजबूर था बहुत,राहें वो अपने गाँव की,फिर ढूंढता सा है। राक्षसों की दुनियां मेंजो देवता फंसा ,वो शिव की तरहContinue reading “गुमशुदा सा दर्द । 😢”

याचना। 🙏

कितना अच्छा होता भगवन, तुम थोड़ी शक्ति देते । दूजा दिन आते ही हम भी, पहला दिन डिलीट करते । वर्षों तक न जाने क्यों,कुछ बातें पीछा करतीं हैं । जितना भी आगे बढ़ जाएं, छाया बन कर चलती हैं । कुछ अपने संग चलते चलते ,जीवन के थे छन्द हुए । मानो उन छन्दोंContinue reading “याचना। 🙏”

जश्न ए ज़िंदगी ।📯🎷💝

तेरा- मेरा मेरा-तेरा,इसी जन्म का प्रश्न है।फिर तो देखो जब जाएंगे ,मनता फिर भी जश्न है ।दुनिया में आने के छै दिनबाद हमारी छटी मनी।जाने के बस तीन ही दिन में,होने लगी उठावनी।तेरा-मेरा मेरा-तेरा ,इसी जन्म का प्रश्न है….।आने के महीनों तक देखो,खुशी मनाई जाएगी ।पर जाने में कुछ दिन तक ही ,एक दिया जलContinue reading “जश्न ए ज़िंदगी ।📯🎷💝”

एक थी मुनियाँ 👩👩‍👧‍👦

T.V.news में पैदल चलते मजदूरों को जितनी बार देखती हूँ , मुनियां की याद आ जाती है।नया सरकारी आवास मिला था हमें । घर में प्रवेश करते ही घर के बगीचे में दीवार से सटे चांदनी के पेड़ पर नजर पड़ी तो एक डाल पर बैठी थी वो । ये ही 9-10 साल की रहीContinue reading “एक थी मुनियाँ 👩👩‍👧‍👦”

फिर से माँ की याद आ गई ।💝

बाथरूम में फिसली जब मैं ,“ओ माँ” कह कर जो चिल्लाई।आँखों से बह निकले आँसू ,फिर से माँ की याद आ गई।अलमारी खोलूं जो अपनी,रंग बिरंगे कपड़े देखूं ।तरह तरह के सूट मैं देखूं।देखी जब हेंगर में साड़ी,फिर से माँ की याद आ गई।टीवी खोलूं जब अपना मैं,मन ले डोलूं ये अपना मैं।जो मन चाहेContinue reading “फिर से माँ की याद आ गई ।💝”

शनि शिंगणापुर 🙏

पिछले वर्ष महाराष्ट्र में कई मंदिरों के दर्शन पाने का आशीर्वाद मिला। ‘शनि शिंगणापुर’ जाकर एहसास हुआ कि व्यक्ति केवल इस देवता से डरता है शायद । सबसे हटकर था यह मंदिर । ना कोई प्रवेश शुल्क, ना कोई चढ़ावा ,न कोई पुलिस हजारों की भीड़ क्रम बद्ध पंक्ति, फिर भी अनुशाशन इतना कि सबContinue reading “शनि शिंगणापुर 🙏”

माँ भी कभी….

माँ भी कभीलड़कियों सी रहीहोगी।बेटी छोटी सीअपने माँ केघर,अल्हड़ रही होगी।उछलती कूदती होगी।पिता की ‘बेटा’ आवाज,कान में गूंजती होगी।फिर…..“उस सुबह” से पहले,रात में अग्नि के फेरे ,उसे अनजान राहों पर,कहींतेजी से ले जाते।जैसे घर का इक पौधा,कही जाकर लगा आते ।वसीयत जिंदगी भर की ,किसी के नाम लिख आते ।उसे नए नाम दे जातेकोई भाभीContinue reading “माँ भी कभी….”

मैं खुद से खेलूं रे।💃👓🖼️

आँख मिचौली का खेल मैं खुद से खेलूं रे।खुद से पूछूँ आ जाऊं ? फिर आजा बोलूं रे।मन, मोबाइल, चश्मा मेरे बन गए साथी रे ।इन अपने संगी साथी बिन, कैसे रहलूं रे ।आंख मिचौली का खेल मैं खुद से खेलूं रे।खुद से पूछूँ आ जाऊँ ? फिर आजा बोलूं रे ।बोले चश्मा कहाँ छुपाContinue reading “मैं खुद से खेलूं रे।💃👓🖼️”

पल भर के रिश्ते💞

वैसे तो कई बार नैनीताल की ओर गई हूँ परंतु अक्सर रामपुर रोड काशीपुर बाजपुर के तिराहे से रास्ता confuse करता है। कार में उस दिन G.P.S. काम नही कर रहा था और हम हल्द्वानी न जाकर काशीपुर पहुंच गए थे। तब से कार रोक कर पास खड़े लोगों से रास्ता पूछ लेते हैं ।Continue reading “पल भर के रिश्ते💞”