क्यूँ इतना छोटा कर डाला ।😪💝

हे ईश्वर क्यों है यहां भरमसीमाओं में बांध तुझे,क्यों इतना छोटा कर डाला।विश्व व्याप्त तेरी शक्ति कोइसका -उसका कर डाला। मेरी गीता के समक्ष,उसकी कुरान झूठी लगती ।उसके अल्लाह के आगे ,भगवान भक्ति झूठी लगती।मानव के इस झूठे प्रपंच ने,मानव का कत्ल ही कर डाला। हे ईश्वर भ्रमित हुए मानव ने,तुझे कितना छोटा कर डाला।Continue reading “क्यूँ इतना छोटा कर डाला ।😪💝”

आनंद ।🕉️🌈🎉🎈💖

जब साथ न दे ये तन,घबराए मन,ध्यान लगा उसकाऔर बैठ संग आनंद के । जब दिल टूटे,कोई अपना छूटे,अपने से हीहो जाए अन-बन ।तब मन में रमा उसकोऔर बैठ संग आनंद के। जब यादों के बादल छाएँ,बीते हुए क्षण से,मिल ना पाएं।तब यादों का संग्रह करऔर बैठ संग आनंद के। जब घर के आँगन,खुशियां आएंContinue reading “आनंद ।🕉️🌈🎉🎈💖”

भाई का जन्मदिन ।🎉🎈🎈🎈

कोरोना जब हुआ था घर मेंनानी याद आई थी।तब भाइयों की ताकत ने मिलज्योति एक जलाई थी।बीमारी का peak month था,पर संग आशावानसुदीप था।अपनी बीमारी से उठ कर…हॉस्पिटल की दौड़ लगाई। सिंगापुर के फ़ोन ने भी तोअपना असर दिखाया था…60 था Oxygen level98 ले आया था । अक्सर राखी की ये ताकतअपना रंग दिखाती है,इसीलिएContinue reading “भाई का जन्मदिन ।🎉🎈🎈🎈”

20 जुलाई💕

बिटिया मेरा दर्द मूक मैं किस से बोलूं रे।सुनने वाले भी गए ऊब ,मैं किस से बोलूं रे।बीते जाते हैं दिन जितने मैं उतना मरती हूँ।जिसदिन हँसी मैं जितना बेटी, रात को रोती हूँ।अपने रोने की बात ओ बिटिया, किस से बोलूं रे।सुन ने वाले भी गए ऊब मैं किस से बोलूं रे ।बेटी थीContinue reading “20 जुलाई💕”

इतना तो बतला मुझे कोरोना।🤔

इतना प्यारा प्यारा रिश्ता, क्या इसी जन्म में मिलता होगा ।यहाँ रंगीले फूल खिले हैं , क्या वहां भी कोई खिलता होगा। मन चाही बातें करते हम, सँग में हंसते , सँग रोते हम।दुख सुख में सबका मिल जाना जीवन बनता एक तराना।यहां ये प्यारे रिश्ते देखे ,क्या वहां भी कोई रिश्ता होगा… धरती अम्बरContinue reading “इतना तो बतला मुझे कोरोना।🤔”

वही तो मेरे राम हैं।🙏

अपने भक्तों का झुंड लिएगलियों गलियों में जाते हो।माथे में टीका लगा के तुम,भगवा झंडा फहराते हो।भ्राता लिंचिंग करके तुमने ?रक्त रंजित है नाम किया।राम मेरा बदनाम किया।हर मन-मन्दिर में राम मेरे,तुम भव्य महल बनाते हो ?ये जनता कितनी भोली है।मेरे राम के नाम से डोली है।कब भरम ये इसका टूटेगा।वो वोटों से राम कोContinue reading “वही तो मेरे राम हैं।🙏”

माया महा ठगनि हम जानी ।😪😀

माया महा ठगनि हम जानीदुनिया ये मनमानी।जब बेटी की उठी थी डोलीमाँ रोते बापू से बोली,क्यों बहे तुम्हारीआंखों से,इतना झर झर पानीअब तो चित भी उसकीपट भी उसकी।जैसे , घर की मैं पटरानी,बिटिया भी होगीउस घर की महारानी।सुन करबातें बिटिया की माँ की,बापू को हुई हैरानी ।थोड़ा सा फिर वो मुस्काए…देखा 🙄बिटिया की माँ कोContinue reading “माया महा ठगनि हम जानी ।😪😀”

वो फिर याद आई ।🌹🙏

सवेरे सवेरे महिला दिवस की बधाई का msssage मिला।माँ सामने आ खड़ी हुईं हैं उसी कतार में जहाँ साहसी और व्यवस्थित महिलाओं के दर्शन पाती हूँ । वो एक घरेलू महिला थीं लेकिन उनमें कभी इंदिरा गांधी कभी लक्ष्मी बाई कभी मदर टेरेसा दिखाई देतीं। वो गुलशन नन्दा के उपन्यास का जमाना था लेकिन माँContinue reading “वो फिर याद आई ।🌹🙏”

लेखनी को पहली फटकार।😒

जब भावों के पुष्प लिए,मैं पहुँची उनके पास।छप जाएगी कविता मेरी,मन में थी यह आस।पर जिस कविता में लगसिर्फ मेरी अकलउनको लगी वो किसीकवि की नकल।हिंदी की थी वो एक ज्ञाताउन्हें भला था कब यह भाता।बोलीं, ये नकल वकल नहीं चलेगीविज्ञान की छात्रा भी क्या कवि बनेगी।✍️